Posts

...बेखुदी नहीं आई!

दुआ दो मुझे भी ठिकाना मिले...

थोड़ी बहुत तो ज़हन में नाराज़गी रहे...

जिंदगी... एक कविता!

कोई दिल चुराए तो क्या कीजिए

This is My BIRTHDAY TODAY...

बस एक माँ... और पूरी दुनिया..!

"इशिता" का ड्राइंग "राम अंकल" के लिए...

बांसुरी की पीड़ा

सितम के बाद वक़्त आएगा वफाई का!

"विरह" की वेदना..?

क्यों मेरे नाज़ उठाते हो बाबा...

बहुत याद आया...