Posts

इश्क़, मोहब्बत और वफ़ा

तो क्या बात हो..!

चरित्र से हीरो, पर "शोले" का विलेन

कोई चुपके-चुपके कहता है

एक ग़ज़ल : झूठी आस बंधाने वाले

और तुम हमको खो दोगे

कभी अलविदा न कहना...

मोहब्बत...

मैं तो कहता हूँ वापस मत आना...!!!

तुम एक बार आकर समझा दो दिल को

वो ख़फ़ा है अब भी..!

आँखों में बसा ले मुझको

जग सूना-सूना लगता है