Posts

शायद ज़िंदगी बदल रही है

कोई चाहत, कोई हसरत भी नहीं

उनकी चाह, हमारा गुरूर

दो कदम तो साथ चलने दो

चाहता हूं कि अब बरस जाओ!

माँ कहती थी...

कहाँ तो तय था चरागा...

आवाज़...

पत्थर देवता हो जाएगा

बेटियाँ...

मैं बच्चा.. हूँ!

मैं और तुम...

माँ और उसका बेटा...