मैं वो नहीं जिसकी तुम्हें तलाश है
मैं वो सागर हूं जिसको पानी की प्यास है
मैं वो साया हूं जो अंधेरे में साथ चलता हूं
मैं वो जुगनू हूं जिसे उजाले की तलाश है
भीगी पलकों ने लूटा मेरा दामन ''गौतम''
सदियां गुजर गईं लेकिन मुझे एहसास है
तुम जब नहीं आते थे तो दिल रोता था
अब मेरे सामने हो तो क्यों दिल उदास है
तुम्हें देखते थकती नहीं थी नजरें मेरी
जब से देखा है तुझे जाने क्यों ये दिल हताश है
मैं वो सागर हूं जिसको पानी की प्यास है
मैं वो साया हूं जो अंधेरे में साथ चलता हूं
मैं वो जुगनू हूं जिसे उजाले की तलाश है
भीगी पलकों ने लूटा मेरा दामन ''गौतम''
सदियां गुजर गईं लेकिन मुझे एहसास है
तुम जब नहीं आते थे तो दिल रोता था
अब मेरे सामने हो तो क्यों दिल उदास है
तुम्हें देखते थकती नहीं थी नजरें मेरी
जब से देखा है तुझे जाने क्यों ये दिल हताश है
Comments
रामराम
(abhi Comment diya tha Gautam Bhai , par dikha nahi , isliye dubara bhej raha hu.)
खूब लिखो और लिखते रहो.
BADHAI
tum jab nahi aate the to dil rota tha
ab samne ho to kyo dil udaas hai..
very nice,,
मेरे ब्लांक पर आने व टिप्पणी देने का बहुत बहुत धन्यवाद।
मैं वो जुगनू हूं जिसे उजाले की तलाश है
भीगी पलकों ने लूटा मेरा दामन ''गौतम''
सदियां गुजर गईं लेकिन मुझे एहसास है
Pahli baar aayi hun shayad aapke blogpe...aur padhtihi chali ja rahi hun!