तेरी ही राह पे नज़रें लगाए बैठे हैं
कि अपने आप को पागल बनाए बैठे हैं
जब से देखा है तुझे देखते ही रहते हैं
तुम्हारी याद में नींदें गँवाए बैठे हैं
चमन में फूल खिलेंगे यहाँ कभी "गौतम"
इसी उम्मीद से हम मुस्कुराए बैठे हैं
निकल के कारवां जाने कहाँ रुकेगा फिर
हर एक पड़ाव को मंज़िल बनाए बैठे हैं
जो तुम न आए तो हैरत न होगी महफ़िल में
हम तो अपने दोस्तों को भी आजमाए बैठे हैं
सितम के बाद वक़्त आएगा वफाई का
इस बात का खुद को भरोसा दिलाए बैठे हैं
नज़र नज़र में बात होती रहे तो बेहतर है
कोई न समझे कि किसी बेवफा से दिल लगाए बैठे हैं
कि अपने आप को पागल बनाए बैठे हैं
जब से देखा है तुझे देखते ही रहते हैं
तुम्हारी याद में नींदें गँवाए बैठे हैं
चमन में फूल खिलेंगे यहाँ कभी "गौतम"
इसी उम्मीद से हम मुस्कुराए बैठे हैं
निकल के कारवां जाने कहाँ रुकेगा फिर
हर एक पड़ाव को मंज़िल बनाए बैठे हैं
जो तुम न आए तो हैरत न होगी महफ़िल में
हम तो अपने दोस्तों को भी आजमाए बैठे हैं
सितम के बाद वक़्त आएगा वफाई का
इस बात का खुद को भरोसा दिलाए बैठे हैं
नज़र नज़र में बात होती रहे तो बेहतर है
कोई न समझे कि किसी बेवफा से दिल लगाए बैठे हैं
Comments
keep it up
इस बात का खुद को भरोसा दिलाए बैठे हैं
नज़र नज़र में बात होती रहे तो बेहतर है
कोई न समझे कि किसी बेवफा से दिल लगाए बैठे हैं
Bahut khoob!
Apka
DONTLUV
JUHI