झूठी आस बंधाने वाले दिल को और दुखइयो ना,
माज़ी की मुस्कान लबों को हरगिज़ याद दिलइयो ना|
दुनिया एक रंगीन गुफा है अय्यारी से रोशन है,
मेरी सादगी के अफ़साने गली-गली सुनइयो ना|
रमता जोगी बहता पानी इनका कहाँ ठिकाना है,
कोरे आँचल को नाहक़ में गीला रोग लगइयो ना|
हम हैं बदल बेरुत वाले बरसे-बरसे न बरसे
मौसम के जादू के नखरे मेरी जान उठइयो ना|
रुसवाई के सौ-सौ पत्थर कदम-कदम पर बरसेंगे,
दिल के टूटे हुए आईने दुनिया को तू दिखइयो ना|
'गौतम' सो जाएगा एक दिन ग़म की चदरिया ओढ़ के
आते-जाते गली में कोई गीत ख़ुशी के गइयो ना!!!
Comments
दिल के टूटे हुए आईने दुनिया को तू दिखइयो ना|
बहुत सुन्दर गज़ल