आखिरी ख्वाहिश, मेरे मरने के बाद आप कहें 👇

आखिरी ख्वाहिश 🍂🌼
मेरे मरने के बाद आप कहें 👇



खामोशियों में भी आवाज़ रखता था
दिल में उतरने वाले अल्फ़ाज़ रखता था
ना कोई बनावट ना कोई ज़िद दिखावे की
फकीरी का अलहदा अंदाज़ रखता था

• रामकृष्ण गौतम, भोपाल

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