हर चाहत का मतलब इश्क़ नहीं होता गौतम
कुछ रिश्ते बिना नाम के भी मुकम्मल हो जाते हैं
न इकरार न इजहार न कोई इंकार होता है
फिर भी दिल के किसी कोने में वो बस ही जाते हैं
मुलाकात हो तो जैसे वक्त ठहर सा जाए
और दूर हो तो खामोश सवाल छोड़ जाते हैं
ये चाहत नहीं न ही किसी हसरत का किस्सा है
मन से मन के कुछ सिलसिले यूं ही जुड़ जाते हैं
वो उम्रभर साथ रहे न रहे फर्क नहीं पड़ता
कुछ लोग हमेशा को दिल में घर कर जाते हैं
• राम कृष्ण गौतम
Comments