कोई साथ न दे तो मुझसे कहना
चुपके चुपके कुछ मत सहना
हर पीड़ा हर मुश्किल का
होता है यहां इलाज प्रिये
कभी मन में कोई शंका हो
कभी कोई भी आशंका हो
बस कह देना चुप मत रहना
इतनी सी है अरदास प्रिये
कोई आंधी हो या तूफां हो
जो टूट रहा कोई अरमां हो
बस याद मुझे तुम कर लेना
आ जाऊंगा तेरे पास प्रिये
उम्मीद जो साथ निभाए नहीं
कोशिश भी हार जाए कहीं
मत घबराना बस मुस्काना
रखना मन में विश्वास प्रिये
कहीं डगर मगर सा सफर लगे
कभी तितर बितर सा जीवन हो
तुम मुझे संदेशा भिजवाना
मैं नहीं करूंगा निराश प्रिये
हर सुख तुझपे न्यौछावर कर
तेरे दुखों को गले लूंगा
तुम हंसती रहो मुस्काती रहो
मैं कर लूंगा वनवास प्रिये
ये जीवन कठिन परीक्षा है
क्यों इतना इससे कतराना
सब अच्छा है अच्छा होगा
मन में रखना विश्वास प्रिये
तुम खुद से नेह न कम करना
अपनी आंखें न नम करना
स्मृतियों में जीवित रखना
तेरा मेरा एहसास प्रिये
आखिर में एक गुजारिश है
तुम कभी न डग पीछे धरना
रखना ख्याल बस इतना सा
तुमसे मेरा उल्लास प्रिये
• राम कृष्ण गौतम

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