जो कह न सके वही खलता रहा on May 04, 2025 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps जो कह न सके वही खलता रहालबों पे एक एक शब्द जलता रहावो चुप थी मगर आंखें नम थींमैं तन्हा था और मन मचलता रहा• राम Comments
Comments