कहां तक साथ दोगी तुम



तू मेरी हो नहीं सकती

मैं तुझ संग बस नहीं सकता

तेरी अपनी कहानी है

मेरी अपनी रवानी है

कहां तक साथ दोगी तुम

मुझे संदेह भारी है

तेरी चाहत से प्रतिपक्षी

मेरी ये जिंदगानी है

तू बेहद सोचती है

ये दुनिया और वो दारी

मैं बिन सोचे तुझे चाहूं

तू मेरे दिल की रानी है


• राम


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