जो वस्तु ज़रूरत से ज़्यादा उपलब्ध होती है उसका मूल्य गिर जाता है
तकनीक के आधुनिक दौर में यही नियम संबंधों पर भी लागू होने लगा है
जब आप अपना प्रेम और आदर किसी को थोक के भाव में देने लगते हैं
तो सामने वाला व्यक्ति आपकी भावनाओं को कौड़ियों के भाव तौलने लगता है
इसीलिए बेहतर यही है कि आप प्रेम और दीजिए परंतु अपना सम्मान खोकर नहीं
संबंध सस्ते बिल्कुल नहीं होते बल्कि कुछ सस्ते लोग उनका मूल्य नहीं जानते

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