लिखना ही भूल गया ऊपर वाला तुम्हें हमारी किस्मत में
मगर ज़िंदगी ने तुमको हमसे मिलाया तो है
मानते हैं एक नहीं हो पाएंगे इस जनम में हम
पूरा न सही अधूरा ही सही मगर हमने तुमको पाया तो है
प्रेम तब ही कामयाब नहीं होता जब अंजाम तक पहुंचे
राधा-कृष्ण ने सदियों पहले दुनिया को बताया तो है
क्या हुआ जो देह की दूरियां कभी नहीं मिट सकेंगी
ईश्वर ने तेरे मन को मेरे मन से मिलाया तो है
ऐसा नहीं कि जी नहीं पाएंगे तेरे बिन दुनिया में हम
तुझसे पहले भी सालों जीकर दिखाया तो है
लेकिन अब बड़े नसीब से मिली हो हमको तुम
तुम्हारे बिना कैसे बीतेगी ज़िंदगी बताया तो है
तू याद करे या न मुझको कोई फर्क नहीं पड़ता
बेफिक्र हूं कि तेरा चेहरा मेरे दिल में समाया तो है
थोड़ा स्वार्थी हूं इसलिए कभी कभी सोच बैठता हूं
शायद कभी तुमने भी हमको अपने दिल में बसाया तो है
कभी ज़रूरत पड़े हमारी तो बेझिझक आवाज़ दे देना
याद रखना पहले भी तुमसे बेपनाह निभाया तो है
• रामकृष्ण गौतम

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