बस इतना कर दो वायुपुत्र



हे संकटमोचन,
सब सुख लहै तुम्हारी सरना
तुम रक्षक काहू को डरना

आज तक आपसे कुछ नहीं मांगा
आगे भी कुछ नहीं मांगूंगा
राम की सौगंध
बस आज मांग लेने दो
जो मांगूंगा उसे पूरा करोगे
इस उम्मीद के साथ 
आज पहली बार कुछ मांगता हूं

एक सीधी सादी लड़की है
मुझे मेरी अपनी लगती है
उसका मुझसे है नाता कोई
वो भी ऐसा ही कहती है
थोड़ी मासूम है थोड़ी नादान है
दीन दुखों की दुनिया से
थोड़ी सी अनजान है

मां बाबा की प्यारी है
इस जग में थोड़ी न्यारी है
कुछ कहने से वो डरती है
पर अंदर लड़ती रहती है
उसकी मुश्किल आसान करो
नाम उसके रुचिकर वरदान करो
दे दो उसको मन मांगी खुशी
आप उसका पूर्ण कल्याण करो

वो संकोची है भोली है
लड़की भी कहां खुल बोली है
उसकी शंका समाधान करो
मेरी विनय सुनो उत्थान करो
हर लो उसकी सारी पीड़ा
चाहे मेरा नुकसान करो
भर दो उसकी झोली हनुमत
सब छोड़ो और प्रस्थान करो

बस इतनी अर्जी है रामदूत
उसकी न हानि हो पाए
वो जब चाहे तब मिले उसे
क्षण भर देरी न हो पाए
बस इतना कर दो वायुपुत्र
नहीं और मेरी कोई इच्छा
मेरे मन में नहीं कोई शंका
है राम कसम सबकुछ सच्चा 

आखिर में बस ये विनती है
उसका हर कष्ट तमाम करो
अब राम की मन्नत मान प्रभु
श्रीराम सा पूरण काम करो

• राम

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