हम क्या मिस कर रहे हैं

कभी कभी समझ नहीं आता

कि हम क्या मिस कर रहे हैं

प्यार या परिवार 

मित्र या अपना पुराना चरित्र

जिंदगी की भागदौड़ या

या बचपन की गलियों का 

वो पुराना मोड़

वो निंदिया सुकून वाली 

या पुरानी चाहत जुनून वाली


• राम

Comments