फिर तेरे कान्हा को तुझसे पड़ा ज़रूरी काम



तू है मेरी राधा रानी मैं हूं तेरा श्याम
फिर तेरे कान्हा को तुझसे पड़ा ज़रूरी काम

पड़ा ज़रूरी काम कि तुम अब सामने आओ
जगी मिलन की आस हृदय से मुझे लगाओ

छोड़के वृंदावन की गलियां कंटक राह खड़ा हूं
तुझसे मिलने की खातिर मैं तेरे चरण पड़ा हूं

तेरे चरण पड़ा हूं राधे मत निराश तुम करना
विरह अगन में बहे आंख से झर झर झर झरना

इस युग में भी तेरी जुदाई मुझसे सही न जाए
उस युग की स्मृति राधिके नैनन नीर बहाए

नैनन नीर बहाए प्रतीक्षा बड़ी जटिल है
आ जाओ तुम पास कि जीना भी मुश्किल है

हे राधा है ये वादा अब साथ नहीं छोड़ूंगा
किसी हाल में तेरा राधे हृदय नहीं तोड़ूंगा

• राम

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