जब तुम दफ्तर में नहीं होती on May 05, 2012 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps कोई मैजिक नहीं होतामन बेचैन सा रहता हैवक़्त बस यूं ही बीत जाता हैदफ्तर नौकरी काम और घरबस यही होता है दिन दिनभरजब तुम दफ्तर में नहीं होती• राम Comments
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