on August 14, 2010 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps हमने चाहत की बुलंदगी देखीआँख तरबतर दरख्तों पे यूं लगी देखीचल पड़ा था माथे से पसीने का जुलूसलरज़ते होंठ, मोहब्बत की बंदगी देखी Comments
Comments